राष्ट्रगान
जन-गण-मन अधिनायक जय हे,
भारत भाग्य विधाता।
पंजाब सिंध गुजरात मराठा,
द्रविड़ उत्कल बंग।
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा,
उच्छल जलधि तरंगा।
,शुभ नामे जागे तब शुभ आशीष मांगे,
गाहे तब जय गाथा जय गाथा।
जन-गण मंगलदायक जय हे
भारत भाग्य विधाता।
जय हे, जय हे, जय हे,
जय जय जयह, जय हे।।
राष्ट्रगान से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर
प्रश्न 1- राष्ट्रगान के रचयिता कौन है?
उत्तर-रवींद्रनाथ टैगोर।
प्रश्न 2-राष्ट्रगान को गाने की कितने समय की अवधि है?
उत्तर-52 सेकंड।
प्रश्न 3-राष्ट्रगान को किस ग्रंथ से लिया गया है?
उत्तर-आनंदमठ से।
प्रश्न 4- राष्ट्रगान को पहले किस भाषा में लिखा गया था?
उत्तर- बंगाली भाषा में।
प्रश्न 5-)(राष्ट्रगान)पहली बार कब गाया गया था?
उत्तर- 27 दिसंबर 1911 में।
प्रश्न 6- ( राष्ट्रगान)पहली बार कहां पर गया गया था?
उत्तर- कांग्रेस वार्षिक अधिवेशन कोलकाता में।
प्रश्न 7- राष्ट्रगान को भारत के राष्ट्रगान के आधार पर कब स्वीकार किया गया?
उत्तर- 26 जनवरी 1950 को.
राष्ट्रगान का अर्थ क्या है?
जन गण मन अधिनायक जय हे,
भारत भाग्य विधाता।
हे भारत के सभी लोगों के मन में बसे हुए उस सर्वशक्तिमान ईश्वर की जय हो जो भारत के भाग्य के रचयिता है।
पंजाब सिंध गुजरात मराठा,
द्रविड़ उत्कल बंग।
विंध्य हिमाचल यमुना गंगा,
उच्छल जलधि तरंग।
ही सर्वशक्तिमान ईश्वर तेरा नाम सुनते ही पंजाब सिंध गुजरात मराठा द्रविड़ यानी दक्षिण भारत उत्कल एनी उड़ीसा बंगाल यानी कोलकाता विंध्याचल और हिमाचल पर्वत यमुना गंगा से महासागर तक यह ज्ञानी लहरें उठती हैं।
तव शुभ नामे जागे तव शुभ आशिष मागे ,
गाहे तव जय गाथा।
हे सर्वशक्तिमान ईश्वर आपके पवित्र नाम को सुनकर सभी लोग उठते हैं, और आप के पवित्र आशीर्वाद पाने की इच्छा रखते हैं ,सब तेरी जय गाथा का गान करते हैं।
जन गण मंगलदायक जय हे
भारत भाग्य विधाता।
जय हे जय हे जय हे जय जय जय जय हे।।
भारत के लोगों के मन में बसे हुए सर्वशक्तिमान की जय हो हमेशा मंगल और विजय हो विजय हो और सदा ही विजय हो।
हमने क्या सीखा?
मैं उम्मीद करता हूं कि मेरे द्वारा दी गई जानकारी जो जन गण मन भारत के राष्ट्रगान पर आधारित है आप सभी के लिए उपयोगी साबित होगी जिससे आप सभी के प्रश्नों के समाधान प्राप्त होंगे। धन्यवाद!
Jai hind jai Bharat
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